

"खासमहल जमीन विवाद के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर टिप्पणी करने वाले कांग्रेस नेता योगेंद्र साव को पार्टी ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है।"
हजारीबाग के हुरहुरू स्थित खासमहल जमीन पर प्रशासनिक कार्रवाई के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लेकर दिए गए बयान पर पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता योगेंद्र साव घिरते नजर आ रहे हैं। झारखंड प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर लिखित जवाब मांगा है और व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने को कहा है।
पार्टी की अनुशासन समिति के अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर उरांव की ओर से जारी नोटिस में यह पूछा गया है कि पार्टी संविधान के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए। यह पूरा विवाद हुरहुरू की लगभग 50 डिसमिल खासमहल जमीन पर प्रशासनिक कार्रवाई और अधिकारियों के साथ तीखी बहस के बाद शुरू हुआ था।

गौरतलब है कि योगेंद्र साव ने इसी कार्रवाई के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्य सरकार के खिलाफ तीखी टिप्पणी की थी, जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया। इससे पहले मार्च 2026 में भी गठबंधन सरकार के खिलाफ बयानों के चलते उन्हें निष्कासित किया गया था, लेकिन जून में ही उनकी पार्टी में वापसी हो गई थी।
साव के इस बयान पर झामुमो ने भी कड़ी आपत्ति जताई है और कांग्रेस नेतृत्व से कार्रवाई की मांग की है। वहीं, साव की बेटी और पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने भी इस बयान से अपनी असहमति जताई है। अब कांग्रेस द्वारा नोटिस भेजे जाने के बाद साव के जवाब का इंतजार किया जा रहा है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।





