

"झारखंड के गिरिडीह जिले में मतदाता सूची से 50 लोगों के नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 जमा करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। ग्रामीणों ने दो युवकों को रंगे हाथों पकड़ा है।"
झारखंड के गिरिडीह जिले के गांडेय प्रखंड स्थित सूजना गांव में मतदाता सूची से नाम हटाने को लेकर विवाद गहरा गया है। ग्रामीणों ने दो युवकों को लगभग 50 मतदाताओं के नाम हटाने वाले फॉर्म-7 के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया। पकड़े गए युवकों के पास से बीएलओ की मुहर और हस्ताक्षर वाली पावती रसीदें भी बरामद की गई हैं, जिससे मामले ने तूल पकड़ लिया है।
घटना अहिल्यापुर थाना क्षेत्र की है, जहां ग्रामीणों के अनुसार दोनों युवक भरे हुए फॉर्म लेकर बीएलओ दिनिता हांसदा के पास पहुंचे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि मोहम्मद रकीब और जुबेदा बीबी जैसे कई वैध मतदाताओं के नाम साजिश के तहत हटाए जा रहे थे। इस पूरे घटनाक्रम के पीछे किसी राजनीतिक दबाव की आशंका जताई जा रही है, जिससे स्थानीय स्तर पर काफी आक्रोश देखा जा रहा है।

इस मामले में बीएलओ दिनिता हांसदा ने चौकाने वाला खुलासा करते हुए आरोप लगाया है कि उन पर भाजपा नेता यदुनांदन पाठक से फोन पर बात करवाकर दबाव डाला गया था, जिसके बाद उन्होंने मजबूरन हस्ताक्षर किए। हालांकि, आरोपी भाजपा नेता ने इन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे विपक्ष की मनगढ़ंत साजिश करार दिया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए गांडेय के अंचलाधिकारी ओम प्रकाश बड़ाईक ने जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि बीएलओ या अन्य कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पूरे क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।





