

"ब्रिटेन में अमेरिकी सैन्य अभियानों के लिए इस्तेमाल होने वाले आरएएफ फेयरफोर्ड एयरबेस के पास एक बड़े सुरक्षा अलर्ट के बाद कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। इलाके को खाली कराकर सेना की बम निरोधक टीम जांच कर रही है।"
ब्रिटेन में अमेरिकी सैन्य अभियानों के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाले आरएएफ फेयरफोर्ड एयरबेस (RAF Fairford airbase) के पास रविवार को एक बड़ा सुरक्षा अलर्ट सामने आया। ग्लूस्टरशायर पुलिस (Gloucestershire Police) ने वेल्फोर्ड इलाके में एक बड़ी घटना घोषित करते हुए विस्फोटक अधिनियम (Explosives Act) के तहत संदिग्ध अपराधों के मामले में कई लोगों को हिरासत में लिया है। इस अचानक हुई कार्रवाई से स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है।
सुरक्षा खतरे को भांपते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास के कई घरों को तुरंत खाली करा लिया और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। ब्रिटिश सेना की विशेष विस्फोटक ऑर्डनेंस डिस्पोजल (EOD) टीम को तुरंत मौके पर बुलाया गया, जो संदिग्ध वाहनों की गहनता से जांच कर रही है। पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है और काउंटर-टर्निज्म पुलिस इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच का नेतृत्व कर रही है।

घटनास्थल से सामने आए एरियल दृश्यों में तीन सफेद वैन खड़ी दिखाई दे रही हैं, जिनमें से दो के पिछले दरवाजे खुले हुए हैं और उनके पास बड़े काले रंग के संदिग्ध सामान रखे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर बम-डिफ्यूजल रोबोट की मौजूदगी भी दर्ज की गई। हालांकि, ब्रिटिश अधिकारियों ने अभी तक आधिकारिक तौर पर यह पुष्टि नहीं की है कि इन सामानों में विस्फोटक थे या इनका संबंध एयरबेस को निशाना बनाने की किसी साजिश से था।
यह सैन्य ठिकाना इस समय अत्यधिक संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों में इस बेस का उपयोग किया है। हालांकि, इस घटना का ईरान या इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से सीधा संबंध होने की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ब्रिटिश अधिकारी और जांच एजेंसियां सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर गहराई से तफ्तीश कर रही हैं।
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