

"मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के ताजपुर गांव में गणेश प्रतिमा की आंखों से पानी की बूंदें गिरने का मामला सामने आया है। इस चमत्कारिक दृश्य को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं।"
गणेश चतुर्थी के पावन पर्व से ठीक पहले उज्जैन जिले के ताजपुर गांव से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां के माता जी के चोपड़ा स्थित एक प्राचीन गणेश मंदिर में प्रतिमा की आंखों से कथित तौर पर पानी की बूंदें निकलते हुए देखी गई हैं। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद से ही आसपास के ग्रामीण और श्रद्धालु बड़ी संख्या में दर्शन के लिए मंदिर पहुंच रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, यह घटना शनिवार की सुबह करीब 6:30 बजे नगर पूजा के बाद प्रकाश में आई। मंदिर में मौजूद लोगों ने जब प्रतिमा की आंखों से पानी रिसते देखा, तो देखते ही देखते यह खबर पूरे क्षेत्र में फैल गई। स्थानीय लोगों का दावा है कि यह स्थिति कई घंटों तक बनी रही, जिसके बाद श्रद्धालुओं ने वहां महाआरती का आयोजन किया और भगवान गणेश से विशेष प्रार्थना की।

यह मंदिर लगभग 700 से 800 वर्ष पुराना बताया जाता है, जिसे लेकर ग्रामीणों में गहरी आस्था है। लोग इसे किसी दैवीय चमत्कार के रूप में देख रहे हैं और इसे क्षेत्र के समृद्ध धार्मिक इतिहास से जोड़ रहे हैं। हालांकि, मंदिर की प्राचीनता और इस अद्भुत दृश्य ने इलाके में कौतूहल का माहौल बना दिया है, जिससे लगातार मंदिर में लोगों की आवाजाही जारी है।
दूसरी ओर, वैज्ञानिक दृष्टिकोण रखने वाले कुछ लोग इस घटना के पीछे मंदिर के पास स्थित कुंड और नमी को मुख्य कारण मान रहे हैं। फिलहाल इस दावे की किसी स्वतंत्र वैज्ञानिक या प्रशासनिक संस्था द्वारा पुष्टि नहीं की गई है। वायरल वीडियो और ग्रामीणों के दावों के बीच, यह घटना उज्जैन में चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है, जहां एक ओर आस्था का सैलाब है तो वहीं दूसरी ओर इस रहस्य की असली वजह को लेकर तर्क-वितर्क भी जारी हैं।





