

"पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय तनाव बढ़ गया जब अभिषेक बनर्जी ने कोलकाता में पार्टी कार्यालय पर तोड़फोड़ और मारपीट का दावा किया।"
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में सियासी पारा अचानक चढ़ गया है। टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया है कि तड़के सुबह करीब 4:30 बजे कैमक स्ट्रीट स्थित पार्टी कार्यालय पर हथियारों से लैस हमलावरों ने धावा बोल दिया। उनका दावा है कि हमलावरों ने न केवल दफ्तर में जमकर तोड़फोड़ की, बल्कि वहां मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट भी की।
अभिषेक बनर्जी ने घटना का विवरण देते हुए बताया कि हमलावरों ने कार्यालय का फर्नीचर क्षतिग्रस्त कर दिया और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को भी निशाना बनाया। उन्होंने इस घटना को राज्य की कानून-व्यवस्था के लिए एक बड़ा खतरा करार दिया है। टीएमसी नेताओं का आरोप है कि इस सुनियोजित हमले का मकसद पार्टी के कामकाज को बाधित करना और कार्यकर्ताओं में डर पैदा करना था।
इस मामले में अभिषेक बनर्जी ने कोलकाता पुलिस की कार्यशैली पर भी गहरे सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि हमले के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और वकीलों ने लगातार पुलिस को फोन और ईमेल के माध्यम से सूचित किया, लेकिन मदद के लिए पुलिस को मौके पर पहुंचने में दो घंटे का लंबा समय लग गया। उन्होंने पूछा है कि क्या राजनीतिक कार्यालयों की सुरक्षा को लेकर पुलिस इतनी उदासीन हो सकती है?
टीएमसी नेतृत्व ने इस मामले में शामिल सभी अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। अभिषेक बनर्जी ने इस घटना की उच्च स्तरीय जांच पर जोर दिया है ताकि हमले के पीछे की साजिश का खुलासा हो सके। हालांकि, इस पूरे मामले पर बीजेपी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है और पुलिस का पक्ष भी स्पष्ट होना बाकी है, जिससे राज्य का राजनीतिक माहौल और अधिक संवेदनशील हो गया है।
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