

"सन्नी टोप्पो ने झारखंड भाजपा के अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण किया। इस दौरान बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस और JMM पर झारखंड आंदोलन को लेकर तीखा हमला बोला।"
झारखंड भाजपा के अनुसूचित जनजाति मोर्चा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष सन्नी टोप्पो ने बुधवार को रांची स्थित प्रदेश कार्यालय में विधिवत अपना पदभार संभाल लिया है। इस अवसर पर पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। पदभार ग्रहण करने से पहले आदिवासी रीति-रिवाज के अनुसार पारंपरिक पाहनों ने प्रकृति और सरना माई की पूजा-अर्चना की। बता दें कि भाजपा ने 4 सितंबर को सन्नी टोप्पो को इस पद की जिम्मेदारी सौंपने की घोषणा की थी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए झारखंड के पहले मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) पर जमकर निशाना साधा। मरांडी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने झारखंड आंदोलन को 'खरीदने' का काम किया जबकि JMM ने इसे 'बेचने' का काम किया। उन्होंने कहा कि इन दोनों दलों ने लंबे समय तक आदिवासी समाज के साथ राजनीतिक सौदेबाजी की और उन्हें ठगा, जबकि अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने अलग झारखंड राज्य के निर्माण का अपना वादा पूरा किया।

बाबूलाल मरांडी ने भाजपा सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी ने हमेशा आदिवासी समाज को पूरा मान-सम्मान दिया है। द्रौपदी मुर्मू को देश का राष्ट्रपति बनाना, 15 नवंबर को 'जनजातीय गौरव दिवस' के रूप में घोषित करना और आदिवासी महापुरुषों के योगदान को पहचान दिलाना इसके बड़े उदाहरण हैं। इसके साथ ही उन्होंने राज्य में आदिवासी आबादी के प्रतिशत में आई कमी पर चिंता जताई और राज्य की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर कई गंभीर सवाल खड़े किए।
पदभार संभालने के बाद नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष सन्नी टोप्पो ने शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका मुख्य फोकस संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ आदिवासी समाज की पारंपरिक संस्कृति, जल-जंगल-जमीन और उनके अधिकारों की रक्षा करना होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत से आगामी 2029 के चुनावों में भाजपा जनजातीय क्षेत्रों में ऐतिहासिक जीत हासिल करेगी। कार्यक्रम में संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह और पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष समीर उरांव ने भी संगठन को गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया।





