

"झारखंड के मंत्री और गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार के आकस्मिक निधन पर विधानसभा में शोकसभा का आयोजन किया गया, जहां अधिकारियों ने उनके राजनीतिक सफर को याद कर श्रद्धांजलि दी।"
झारखंड के कैबिनेट मंत्री और गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुदिव्य कुमार के आकस्मिक निधन से राज्य की राजनीति में गहरा शोक व्याप्त है। मंगलवार को झारखंड विधानसभा सचिवालय के पोर्टिको संख्या-3 में आयोजित एक विशेष शोकसभा में विधानसभा के अधिकारियों और कर्मचारियों ने दिवंगत नेता को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान माहौल गमगीन रहा और सभी ने उनके नेतृत्व को याद किया।
शोकसभा के दौरान विधानसभा के प्रभारी सचिव रंजीत कुमार ने सुदिव्य कुमार के राजनीतिक जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके योगदान को सराहा। उन्होंने बताया कि 26 जुलाई 1970 को जन्मे सुदिव्य कुमार वर्ष 1989 से सक्रिय राजनीति का हिस्सा थे। झारखंड मुक्ति मोर्चा के साथ जुड़कर उन्होंने संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसके कारण उन्हें जनता के बीच विशेष पहचान मिली।
सुदिव्य कुमार के संसदीय सफर की बात करें तो वर्ष 2019 में गिरिडीह सदर सीट से जीत हासिल कर वे पहली बार विधानसभा पहुंचे थे। अपने पहले कार्यकाल के दौरान वे लोक लेखा समिति और प्रत्यायुक्त विधान समिति जैसे महत्वपूर्ण निकायों के सदस्य रहे। सदन में उनकी मुखर उपस्थिति और जनहित से जुड़े मुद्दों को मजबूती से रखने की शैली ने उन्हें एक प्रभावशाली जनप्रतिनिधि के रूप में स्थापित किया था।
वर्ष 2024 में पुनः निर्वाचित होने के बाद उन्हें राज्य सरकार में मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी। नगर विकास, उच्च शिक्षा और खेलकूद जैसे विभागों का कार्यभार संभालते हुए उन्होंने विकास कार्यों को गति देने का प्रयास किया। शोकसभा के समापन पर उपस्थित अधिकारियों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और इस क्षति को राज्य के लिए अपूरणीय बताया।
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