

"दुर्गापूजा, दीपावली और छठ महापर्व को देखते हुए रांची रेल मंडल ने यात्रियों की सुविधा के लिए स्पेशल ट्रेनों के परिचालन की तैयारियां तेज कर दी हैं। रांची से शालीमार और बेंगलुरु समेत कई प्रमुख रूटों पर पूजा स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी।"
दुर्गापूजा, दीपावली और छठ महापर्व जैसे प्रमुख त्योहारों के मद्देनजर रांची रेल मंडल ने यात्रियों की भारी भीड़ को नियंत्रित करने और बेहतर रेल कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। रांची से शालीमार (कोलकाता) और बेंगलुरु समेत कई अन्य प्रमुख रूटों पर पूजा स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाएगा, जिससे झारखंड से बाहर सफर करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, रांची-शालीमार के बीच पूजा स्पेशल ट्रेन का परिचालन 14 अक्टूबर से शुरू होने की संभावना है। यह ट्रेन प्रत्येक बुधवार और शुक्रवार को रात 11 बजे रांची से खुलकर अगले दिन सुबह 8:30 बजे शालीमार पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन प्रत्येक गुरुवार और शनिवार को रात 10:15 बजे शालीमार से रवाना होगी और अगले दिन सुबह 8:15 बजे रांची वापस लौटेगी। इस बार रेलवे द्वारा पूजा स्पेशल ट्रेनों के 100 से अधिक फेरे लगाए जाने की योजना है, जो पिछले साल के 50 फेरे की तुलना में दोगुने हैं।

मुख्य मार्गों के अलावा रांची-आरा, रांची-जयनगर, रांची-बनारस, रांची-गोड्डा, रांची-चोपन और रांची-सासाराम रूटों पर भी जल्द ही विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी या फिर मौजूदा ट्रेनों में अतिरिक्त एसी और स्लीपर कोच जोड़े जाएंगे। त्योहारी सीजन में यात्रियों की बढ़ती संख्या को सुगम बनाने के लिए रांची रेलवे स्टेशन का दक्षिणी प्रवेश द्वार भी 10 अक्टूबर से आंशिक रूप से खोल दिया जाएगा, जहां यात्रियों की सुविधा हेतु दो नए टिकट काउंटर और चार एटीवीएम मशीनें लगाई जाएंगी।
भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए रांची और हटिया रेलवे स्टेशनों पर आरपीएफ के जवानों की 24 घंटे तैनाती की जाएगी। जरूरत पड़ने पर प्लेटफॉर्म नंबर-6 से भी विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। इसके अलावा, स्टेशनों पर अनावश्यक भीड़ को रोकने के लिए प्लेटफॉर्म टिकट के दाम 10 रुपये से बढ़ाकर 20 रुपये करने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है ताकि केवल वास्तविक यात्रियों की ही आवाजाही सुनिश्चित हो सके।





