

"कीमती धातुओं के बाजार में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई है। चांदी अपने रिकॉर्ड स्तर से करीब 47 प्रतिशत तक लुढ़क गई है, वहीं सोना भी अपने शिखर से 32 हजार रुपये तक सस्ता हो गया है।"
भारतीय सर्राफा बाजार में पिछले कुछ महीनों से जारी तेजी के बाद अब एक बड़ा भूचाल देखने को मिला है। कभी आसमान छूने वाली चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे निवेशकों और खरीदारों दोनों की निगाहें इस पर टिक गई हैं। जनवरी 2026 में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने वाली चांदी अब 2 लाख रुपये प्रति किलो के आंकड़े से भी नीचे फिसल गई है, जो कि बाजार के जानकारों के लिए भी एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस साल 29 जनवरी को चांदी का भाव करीब 3,79,988 प्रति किलो के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया था। हालांकि, बाजार के रुख में बदलाव के बाद 22 अक्टूबर को यह गिरकर 1,99,777 प्रति किलो पर आ गया। इसका सीधा मतलब यह है कि चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड स्तर से करीब 1.80 लाख रुपये यानी लगभग 47.4 प्रतिशत तक की भारी गिरावट आ चुकी है, जिससे ऊंचे भाव पर निवेश करने वालों को तगड़ा झटका लगा है।

चांदी के अलावा, सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने की चमक भी थोड़ी फीकी पड़ी है। रिपोर्ट के अनुसार, 24 कैरेट सोने का भाव अब घटकर 1,42,694 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है। सोना अपने अब तक के उच्चतम स्तर से करीब 32,000 रुपये तक सस्ता हो चुका है। हालांकि, आभूषणों के वास्तविक दाम शुद्धता, मेकिंग चार्ज और खरीदारी के शहर के आधार पर भिन्न हो सकते हैं, लेकिन इस नरमी से त्योहारी और शादी-ब्याह के खरीदारों में उत्साह देखा जा रहा है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत अमेरिकी डॉलर, ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और ऊंचे स्तर पर निवेशकों द्वारा की गई मुनाफावसूली इन कीमती धातुओं पर दबाव का मुख्य कारण रही है। हालांकि कीमतों में यह गिरावट आम खरीदारों के लिए राहत भरी हो सकती है, लेकिन वित्तीय जानकारों की सलाह है कि निवेशकों को बाजार के रुख को पूरी तरह समझने के बाद ही कोई नया कदम उठाना चाहिए।

