

"रांची टाइटंस के बल्लेबाज शिखर मोहन ने शानदार अर्धशतक जड़कर ईस्ट जोन की उम्मीदों को पंख लगा दिए हैं। 14 साल बाद खिताब जीतने की दहलीज पर खड़ी ईस्ट जोन की टीम अब जीत के बेहद करीब है।"
रांची में खेले जा रहे ईस्ट जोन और साउथ जोन के मुकाबले में शिखर मोहन ने अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवाया है। पहली पारी के बाद दूसरी पारी में भी बेहतरीन संयम दिखाते हुए उन्होंने 126 गेंदों का सामना किया और 52 रन की महत्वपूर्ण अर्धशतकीय पारी खेली। उनकी यह पारी टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकालने में बेहद कारगर साबित हुई।
शिखर मोहन तब क्रीज पर आए जब ईस्ट जोन को एक बड़ी और मजबूत साझेदारी की सख्त जरूरत थी। उन्होंने शुरुआत में गेंदबाजों का सम्मान करते हुए संभलकर बल्लेबाजी की और फिर धीरे-धीरे रन गति में सुधार किया। उनका मुख्य फोकस विकेट पर डटे रहने और टीम के स्कोर को एक सुरक्षित स्तर तक पहुंचाने पर रहा।
इस शानदार प्रदर्शन के दौरान शिखर मोहन ने ईशान किशन के साथ मिलकर 126 रनों की साझेदारी निभाई। दोनों बल्लेबाजों की आपसी समझ ने साउथ जोन के गेंदबाजों पर भारी दबाव बना दिया। ईशान ने जहां आक्रामक खेल दिखाया, वहीं शिखर ने एक छोर थामे रखकर अपनी तकनीक और क्लास का बेहतरीन प्रदर्शन किया।
ईस्ट जोन अब 14 साल बाद दिलीप ट्रॉफी का खिताब जीतने के बेहद करीब पहुंच गया है। टीम ने आखिरी बार 2012 में यह ट्रॉफी अपने नाम की थी, लेकिन अब उनके पास इतिहास दोहराने का सुनहरा मौका है। शिखर मोहन की यह यादगार पारी निश्चित रूप से टीम की खिताबी जीत की राह में एक मील का पत्थर साबित होगी।





