

"केंद्र सरकार ने छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लेने का ऐलान किया है, जिससे लाखों छात्रों को बड़ी राहत मिली है।"
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नड्डा ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय छात्रों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है और सरकार अपने वादे के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
सुप्रीम कोर्ट ने भी NEET परीक्षा के दौरान हुए विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर छात्रों को बड़ी राहत दी है। शीर्ष अदालत ने इन प्रदर्शनों में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने का आदेश दिया है। हालांकि, न्यायालय ने यह स्पष्ट किया है कि गंभीर आपराधिक गतिविधियों या आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी और उन्हें इस छूट से बाहर रखा गया है।
सरकार के इस कदम को केंद्र और छात्र संगठनों के बीच चल रहे लंबे गतिरोध को समाप्त करने की दिशा में एक बड़ा सकारात्मक प्रयास माना जा रहा है। इससे पहले दिल्ली सरकार ने भी जुलाई में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई न करने का संकेत दिया था, जिसे अब राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया जा रहा है।
न्यायालय के इस फैसले और सरकार की सहमति के बाद, छात्र संगठन CJP ने 5 सितंबर को प्रस्तावित अपने राष्ट्रव्यापी आंदोलन को वापस लेने का औपचारिक ऐलान कर दिया है। संगठन ने कहा कि उनकी प्रमुख मांग मुकदमों की वापसी थी, जिसे पूरा होते देख वे अब अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त कर रहे हैं।





