

"रांची के JSCA स्टेडियम में खेले गए दूसरे टी-20 मुकाबले में भारत ने 249 रन बनाए, लेकिन वेस्टइंडीज ने शाई होप और शेरफेन रदरफोर्ड की तूफानी पारियों की बदौलत 18.3 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया।"
रांची के JSCA स्टेडियम में भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेला गया दूसरा टी-20 मुकाबला पूरी तरह से बल्लेबाजों के नाम रहा। इस हाई-स्कोरिंग मैच में दोनों टीमों ने मिलकर कुल 501 रन बनाए, लेकिन इतने विशाल स्कोर के बावजूद भारतीय टीम जीत हासिल करने में नाकाम रही। वेस्टइंडीज ने 250 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए शानदार प्रदर्शन किया और महज 18.3 ओवर में ही छह विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस हार के साथ ही तीन मैचों की सीरीज अब 1-1 की बराबरी पर आ गई है।
पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद मजबूत रही। संजू सैमसन ने 41 गेंदों पर 82 रनों की शानदार पारी खेली, जबकि ईशान किशन ने 22 गेंदों में 43 रन जोड़े। पारी के अंत में श्रेयस अय्यर (40 रन) और तिलक वर्मा (नाबाद 44 रन) ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए भारत के स्कोर को निर्धारित 20 ओवरों में 5 मैचों के नुकसान पर 249 रन तक पहुंचाया। हालांकि, बल्लेबाजों के इस बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद भारतीय गेंदबाज इस स्कोर का बचाव करने में विफल रहे।

भारतीय तेज गेंदबाज मयंक यादव ने शुरुआती ओवरों में शानदार गेंदबाजी करते हुए वेस्टइंडीज के शुरुआती तीन विकेट जल्दी झटक लिए, जिससे मेहमान टीम 58 रन पर तीन विकेट गंवाकर संकट में थी। ऐसा लग रहा था कि भारतीय टीम मुकाबले पर पूरी तरह पकड़ बना चुकी है, लेकिन यहीं से शाई होप और शेरफेन रदरफोर्ड ने मैच का पासा पलट दिया। दोनों बल्लेबाजों ने चौथे विकेट के लिए मात्र 54 गेंदों में 120 रनों की धुआंधार साझेदारी करके भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ा दीं।
शाई होप ने नाबाद 102 रनों की ऐतिहासिक शतकीय पारी खेली, जिसमें 6 चौके और 9 छक्के शामिल थे, वहीं शेरफेन रदरफोर्ड ने भी 37 गेंदों में 7 चौकों और 7 छक्कों की मदद से 84 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली। अंत में रोमारियो शेफर्ड ने नाबाद 34 रन बनाकर टीम को आसानी से जीत दिला दी। इस मुकाबले ने भारतीय टीम प्रबंधन के सामने बड़ी चिंता खड़ी कर दी है कि आखिर इतने बड़े स्कोर का बचाव करने में गेंदबाजी यूनिट क्यों असफल साबित हुई।



