

"कोलकाता में हुई भगदड़ की घटना से सबक लेते हुए झारखंड पुलिस ने रांची के दुर्गा पूजा पंडालों में सुरक्षा कड़ी कर दी है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए राजधानी में 3500 अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है और फायर सेफ्टी के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।"
कोलकाता में हाल ही में हुई भगदड़ की घटना के बाद झारखंड पुलिस और रांची जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गए हैं। राजधानी रांची के प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों में उमड़ने वाली भारी भीड़ और सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुगमता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने कुल 3500 अतिरिक्त पुलिस जवानों को मैदान में उतारा है, जो चप्पे-चप्पे पर नजर रखेंगे।
राजधानी के बड़े पूजा पंडालों में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष बैरिकेडिंग, अलग प्रवेश और निकास मार्ग तथा सीसीटीवी कैमरों के जरिए पैनी निगरानी की व्यवस्था की गई है। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा और असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने के लिए सादे लिबास में भी पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा, किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है।

दुर्गा पूजा समितियों ने भी प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए फायर सेफ्टी पर विशेष फोकस किया है। रामलला दुर्गा पूजा समिति, भारतीय युवक संघ, चंद्रशेखर आजाद दुर्गा पूजा समिति और राजस्थान मित्र मंडल जैसे प्रमुख आयोजकों ने पंडालों के भीतर और बाहर दर्जनों फायर एक्सटिंग्विशर, अग्निशमन वाहन और आपातकालीन निकास मार्गों की पुख्ता व्यवस्था की है ताकि किसी भी अनहोनी को टाला जा सके।
झारखंड पुलिस मुख्यालय ने राज्य के सभी जिलों को संवेदनशील पंडालों का दोबारा सुरक्षा ऑडिट करने का सख्त निर्देश दिया है। कतार प्रबंधन, आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता और भीड़ नियंत्रण के उपायों की लगातार समीक्षा की जा रही है ताकि लोग सुरक्षित माहौल में मां दुर्गा के दर्शन कर सकें। प्रशासन की यह मुस्तैदी पर्व के दौरान जनजीवन को सुरक्षित रखने की दिशा में एक बड़ा कदम है।





