

"झारखंड पुलिस ने रांची के पिस्का मोड़ स्थित फ्लैटों में छापेमारी कर एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से 11 आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए 8 लाख रुपये नकद और 50 मोबाइल फोन बरामद किए हैं।"
झारखंड पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए रांची में चल रहे एक बड़े ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने राजधानी के पिस्का मोड़ इलाके में स्थित किराए के फ्लैटों में छापेमारी कर 11 शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपियों के कब्जे से 8 लाख रुपये नकद, 50 मोबाइल फोन और कई अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं। यह पूरा सिंडिकेट काफी समय से सक्रिय था और देश के विभिन्न राज्यों के भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बना रहा था।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, रांची के पिस्का मोड़ स्थित मालती अपार्टमेंट और परासर अपार्टमेंट में कुछ युवक किराए का फ्लैट लेकर संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। गुप्त सूचना के आधार पर जब पुलिस ने इन ठिकानों पर दबिश दी, तो वहां चल रहे फर्जी कॉल सेंटरनुमा नेटवर्क का खुलासा हुआ। गिरोह के सदस्य इन फ्लैटों से ही देश के अलग-अलग राज्यों में रहने वाले नागरिकों को फोन करते थे और उन्हें आसानी से लोन दिलाने का झांसा देते थे। लोन स्वीकृत कराने के नाम पर वे प्रोसेसिंग चार्ज और अन्य शुल्कों के रूप में लोगों से ऑनलाइन पैसे ठगते थे।

प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि इस अंतर-राज्यीय ठगी गिरोह के तार कई अन्य राज्यों से भी जुड़े हुए हैं। पकड़े गए आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि उनके पूरे नेटवर्क और अन्य सहयोगियों के बारे में पुख्ता जानकारी जुटाई जा सके। हालांकि, इस गिरोह का मुख्य सरगना राहुल अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है और फरार चल रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए रांची से लेकर पलामू तक विभिन्न ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है ताकि उसे जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
पुलिस अब बरामद किए गए 50 मोबाइल फोन और दस्तावेजों की बारीकी से तकनीकी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन लोगों ने अब तक कुल कितने लोगों को ठगा है और ठगी की यह रकम किन-किन खातों में ट्रांसफर की गई थी। राज्य में लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस प्रशासन का यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात कॉल पर लोन या अन्य प्रलोभनों के चक्कर में न आएं और अपनी वित्तीय जानकारियां किसी के साथ साझा न करें।





