

"झारखंड के रामगढ़ जिले में जेबा परवीन हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा किया है। कथित अवैध संबंध और पारिवारिक विवाद के चलते मृतका के जीजा और साली को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।"
झारखंड के रामगढ़ जिले के कुजू ओपी क्षेत्र अंतर्गत रोशन नगर, रउता में हुए चर्चित जेबा परवीन हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान गुलाम सरवर उर्फ राजन और नेहा परवीन के रूप में हुई है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि इस सनसनीखेज वारदात के पीछे कथित अवैध संबंध और पारिवारिक विवाद मुख्य वजह रहे हैं।
घटना की शुरुआत 17 अक्टूबर को हुई थी, जब जेबा परवीन का संदिग्ध परिस्थितियों में शव उनके घर से बरामद किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया और पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसडीपीओ के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। इसके साथ ही फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए और मेडिकल बोर्ड की देखरेख में मृतका का पोस्टमार्टम कराया गया ताकि मौत के असली कारणों का पता चल सके।

जांच के दौरान पुलिस ने मानवीय और तकनीकी साक्ष्यों को आधार बनाते हुए दोनों संदिग्धों से कड़ी पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस के अनुसार, मृतका की बहन नेहा परवीन और गुलाम सरवर उर्फ राजन के बीच कथित संबंधों को लेकर घर में अक्सर विवाद होता था। घटना की रात भी इसी बात को लेकर तीखी बहस हुई, जिसके बाद आरोपियों ने जेबा परवीन के साथ मारपीट की और उन्हें गंभीर चोटें पहुंचाईं।
पुलिस की पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने गुस्से में आकर महिला को दीवार पर पटक दिया था, जिससे उनकी मौत हो गई। पुख्ता सबूत मिलने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस पूरी सफल कार्रवाई में कुजू ओपी प्रभारी आशुतोष कुमार सिंह सहित कई पुलिस अधिकारी और सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे, जिनकी बदौलत इस अंधे कत्ल का खुलासा हो सका।





