

"झारखंड के रामगढ़ जिले के बरका-सयाल कोयलांचल में अज्ञात अपराधियों ने सैनिक आउटसोर्सिंग कंपनी पर फायरिंग कर दी, जिसमें एक सिक्योरिटी गार्ड गंभीर रूप से घायल हो गया है।"
झारखंड के रामगढ़ जिले के बरका-सयाल कोयलांचल क्षेत्र में अपराध का ग्राफ एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है, जहां उरीमारी स्थित बिरसा सैनिक आउटसोर्सिंग कंपनी में देर रात बाइक सवार हथियारबंद अपराधियों ने ताबड़तोड़ गोलीबारी की। इस दुस्साहसिक वारदात में कंपनी में तैनात एक सुरक्षा गार्ड को गोली लग गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के तुरंत बाद घायल गार्ड को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर कर दिया है।
प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जानकारी के अनुसार, देर रात कुछ संदिग्ध बाइक सवार अपराधी हथियारों से लैस होकर सैनिक कंपनी के कार्यालय पहुंचे और अचानक अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस अचानक हुए हमले से वहां अफरा-तफरी मच गई और गार्ड को गोली का निशाना बनाया गया। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी मौके पर एक पर्चा छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में कामयाब रहे। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से इलाके के औद्योगिक प्रतिष्ठानों और स्थानीय लोगों में भारी खौफ का माहौल बना हुआ है।

घटनास्थल पर अपराधियों द्वारा छोड़े गए पर्चे में कुख्यात राहुल दुबे गैंग के नाम से गोलीबारी की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया है। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने अभी तक इस दावे की आधिकारिक और स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की गहनता से जांच कर रही हैं कि इस हमले के पीछे वास्तव में राहुल दुबे गैंग का हाथ है या यह किसी अन्य आपराधिक साजिश का हिस्सा है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही इस पूरे मामले की असल वजह और अपराधियों के गिरेबान तक पहुंचने का रास्ता साफ हो सकेगा।
इस गोलीबारी की घटना के बाद बरका-सयाल कोयलांचल क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जिससे काम करने वाले मजदूरों और कर्मचारियों में भारी दहशत देखी जा रही है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचा और पूरे इलाके को सील कर अपराधियों की धर-पकड़ के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों की पहचान कर उन्हें सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।





