

"झारखंड के रामगढ़ जिले में पतरातू पुलिस ने एटीएम से छेड़छाड़ कर पैसे उड़ाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 18 एटीएम कार्ड और नकदी बरामद की है।"
झारखंड के रामगढ़ जिले में पतरातू पुलिस ने एटीएम (ATM) से छेड़छाड़ कर अवैध निकासी करने वाले कथित साइबर अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 18 एटीएम कार्ड, 8,970 रुपये नकद और एटीएम मशीन से छेड़छाड़ करने में इस्तेमाल होने वाले कई औजार बरामद किए हैं। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पतरातू अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राघवेन्द्र शर्मा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों से इलाके में एटीएम मशीनों से छेड़छाड़ करने, लोगों के कार्ड बदलकर अवैध निकासी करने और एटीएम बूथों पर फर्जी हेल्पलाइन नंबर चिपकाकर बैंक अधिकारी बनकर ठगी करने की कई शिकायतें मिल रही थीं। इन वारदातों से क्षेत्र के आम नागरिकों में चिंता का माहौल बना हुआ था, जिसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ने त्वरित एक्शन लिया।

इस मामले की गंभीरता को समझते हुए रामगढ़ के पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत के निर्देश पर पतरातू एसडीपीओ के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था। एसआईटी ने तकनीकी साक्ष्यों और खुफिया सूचनाओं के आधार पर बरकाकाना ओपी क्षेत्र स्थित एसबीआई एटीएम के पास दो स्कूटी पर संदिग्ध हालत में घूम रहे चार युवकों को धर दबोचा। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से भारी मात्रा में एटीएम कार्ड और ठगी के उपकरण मिले।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने एटीएम से छेड़छाड़ कर पैसे उड़ाने की बात कबूल कर ली है। गिरफ्तार अपराधियों की पहचान मनीष कुमार (नोएडा, उत्तर प्रदेश), मोहम्मद आसिफ (मधुबनी, बिहार), सूरज कुमार (पटना, बिहार) और आयुष कुमार (नवादा, बिहार) के रूप में हुई है। पुलिस ने इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की धारा 66(C) के तहत मामले दर्ज किए हैं और इनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी गहराई से जांच की जा रही है।





