

"हादसे के दौरान अपनी जान पर खेलकर 174 यात्रियों की जान बचाने वाले कैप्टन सिमत मच्छर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉल पर बात कर उनका हालचाल जाना और उनके अदम्य साहस की सराहना की।"
दुनिया के लिए बहादुरी की एक अनूठी मिसाल बने कैप्टन सिमत मच्छर ने अपनी जान को जोखिम में डालकर 174 यात्रियों की सुरक्षित जिंदगी बचाई है। हादसे के दौरान जब हर तरफ अफरा-तफरी का माहौल था और जिंदगी-मौत के बीच कुछ ही सेकंड का खेल था, तब उन्होंने अपनी परवाह किए बिना यात्रियों की रक्षा करने का बीड़ा उठाया। उनकी इसी दिलेरी के चलते आज सैकड़ों परिवारों की खुशियां बच पाई हैं, जिसकी गूंज पूरे देश में सुनाई दे रही है।
इस भयानक हादसे के बाद अस्पताल में उपचाराधीन कैप्टन सिमत मच्छर से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद वीडियो कॉल के जरिए बातचीत की। पीएम मोदी ने बातचीत के दौरान उनका कुशलक्षेम जाना और संकट के उस पल में उनके द्वारा दिखाए गए असाधारण साहस की खुलकर सराहना की। प्रधानमंत्री ने उन्हें ढांढस बंधाते हुए कहा कि पूरा देश उनकी सलामती और स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना कर रहा है।



घटना के उस डरावने मंजर को याद करते हुए कैप्टन सिमत मच्छर ने बेहद प्रेरणादायक बात कही, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया। उन्होंने कहा कि उस वक्त उनके जहन में बस एक ही बात थी कि 'मुझे इतना पता था कि मैं उन सबको मरने नहीं दे सकता था।' उनकी यही एक लाइन उनके भीतर की कर्तव्यनिष्ठा और मानवता के प्रति अटूट प्रेम को बयां करने के लिए काफी है, जो यह साबित करती है कि एक सच्चे नायक के लिए दूसरों की जान सबसे पहले आती है।
कैप्टन सिमत मच्छर का यह साहसिक कदम केवल एक दुर्घटना से जुड़ा वाकया भर नहीं है, बल्कि यह उस मजबूत इच्छाशक्ति का प्रतीक है जो सबसे कठिन समय में उभरकर सामने आती है। 174 लोगों की अमूल्य जिंदगियों को बचाने वाले इस जांबाज कैप्टन को अब राष्ट्रीय स्तर पर सराहा जा रहा है। उनकी यह कहानी आने वाली पीढ़ियों को हमेशा यह सिखाती रहेगी कि जब हौसला बुलंद हो, तो बड़े से बड़े संकट को भी हराया जा सकता है।
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