

"रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आगामी 24वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया है, जिसे प्रधानमंत्री ने सहर्ष स्वीकार कर लिया है।"
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रूस में आयोजित होने वाले 24वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए औपचारिक निमंत्रण दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है, हालांकि शिखर सम्मेलन की सटीक तारीखों की घोषणा अभी नहीं की गई है। दोनों देशों के राजनयिक अधिकारियों द्वारा आपसी सुविधा के अनुसार जल्द ही इन तारीखों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
यह महत्वपूर्ण बैठक हाल ही में संपन्न हुए 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के दौरान हुई, जो इस वर्ष दोनों नेताओं के बीच दूसरी मुलाकात थी। इससे पहले, दोनों शीर्ष नेतृत्व 31 अगस्त को बिश्केक में 26वें एससीओ (SCO) शिखर सम्मेलन के अवसर पर मिले थे। इस दौरान भारत और रूस के बीच रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और आर्थिक सहयोग को गहरा करने पर विस्तृत चर्चा की गई, जो दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती प्रदान करती है।

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने नई दिल्ली में आयोजित 'इनोप्राेम इंडिया' (INNOPROM India) प्रदर्शनी का भी संयुक्त रूप से दौरा किया। इस कार्यक्रम को दोनों देशों के बीच औद्योगिक संबंधों और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति देने वाले एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है। इस दौरान 2026 में ब्रिक्स की भारत द्वारा की जाने वाली अध्यक्षता और वैश्विक भू-राजनीतिक मुद्दों पर भी दोनों नेताओं के बीच सार्थक संवाद हुआ।
मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया और ब्लैक सी क्षेत्र में जारी संघर्षों पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि समस्याओं का समाधान केवल कूटनीति और संवाद के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने संकट के समय भारत द्वारा हर संभव शांति प्रयासों में सहयोग देने की प्रतिबद्धता भी दोहराई। इस विशेष भेंट के प्रतीक के रूप में, प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को तिरुक्कुरल के रूसी अनुवाद की एक विशेष प्रति भी उपहार स्वरूप भेंट की।
