

"अमेरिका के रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने के प्रस्ताव पर भारत सरकार अध्ययन कर रही है। साथ ही, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का ऐलान किया है जो 20 अक्टूबर 2026 से लागू होगा।"
अमेरिका की ओर से रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100 फीसदी तक टैरिफ लगाने की संभावित कार्रवाई को लेकर भारत सरकार ने आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि सरकार फिलहाल इस पूरे मामले और टैरिफ से जुड़ी विस्तृत जानकारी का बारीकी से अध्ययन कर रही है। सभी तथ्य पूरी तरह सामने आने के बाद ही भारत इस पर अपना स्पष्ट रुख दुनिया के सामने रखेगा। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि यह 100 फीसदी टैरिफ अभी सीधे तौर पर भारत पर लागू नहीं हुआ है, क्योंकि अमेरिकी कानून के तहत राष्ट्रपति को इसके अधिकार मिले हैं लेकिन अंतिम निर्णय और रूपरेखा अभी बाकी है।
इस बीच, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते यानी एफटीए (FTA) को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है। दोनों देशों के बीच यह महत्वपूर्ण समझौता आगामी 20 अक्टूबर 2026 यानी विजयादशमी के पावन दिन से पूरी तरह लागू हो जाएगा। न्यूजीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मैकले भी इस कार्यक्रम में वर्चुअली जुड़े और दोनों पक्षों ने इस समझौते की औपचारिक पुष्टि की। इस ऐतिहासिक समझौते के तहत भारत के 100 प्रतिशत निर्यात को न्यूजीलैंड के बाजारों में पहले ही दिन से पूरी तरह शुल्क-मुक्त पहुंच प्राप्त हो जाएगी।

इस नए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से भारत के कई प्रमुख क्षेत्रों को भारी लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, जिनमें टेक्सटाइल, कपड़ा, लेदर, फुटवियर, इंजीनियरिंग गुड्स, फार्मास्यूटिकल्स, कृषि और प्रोसेस्ड फूड शामिल हैं। इसके अलावा, इस समझौते के तहत भारत में कुल 20 अरब डॉलर के बड़े निवेश को सुविधाजनक बनाने का प्रावधान भी रखा गया है। कृषि उत्पादकता, मेडिकल डिवाइसेज और आधुनिक टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ने से दोनों देशों के आर्थिक और व्यापारिक रिश्ते एक नई ऊंचाइयों को छुएंगे।
दूसरी ओर, चालू वित्त वर्ष के शुरुआती पांच महीनों (अप्रैल से अगस्त) के दौरान भारत के मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट में 15 फीसदी से अधिक की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस दौरान वस्तु एवं सेवा निर्यात का कुल मूल्य 399.27 अरब डॉलर रहा है। इसके साथ ही, भारत और कनाडा के बीच भी व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) को लेकर बातचीत तेजी से आगे बढ़ रही है और दोनों देश इस साल के अंत तक इस दिशा में महत्वपूर्ण समझौते को पूरा करने के लिए आशान्वित हैं।


