

"झारखंड के गिरिडीह जिले में पारसनाथ की पहाड़ियों पर सुरक्षा बलों ने एक बड़े सर्च ऑपरेशन के दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और संचार उपकरण बरामद किए हैं।"
झारखंड के गिरिडीह जिले में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पारसनाथ की पहाड़ियों से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की है। 29 अक्टूबर को चलाए गए इस संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान जोकाई नाला और सतकटिया के जंगलों से 494 जिलेटिन पीस, 16 कमर्शियल डेटोनेटर और कॉर्डेक्स वायर के 9 बंडल जब्त किए गए। इस सफल कार्रवाई से नक्सलियों की किसी बड़ी विध्वंसक घटना को अंजाम देने की साजिश नाकाम हो गई है।
पुलिस के अनुसार, गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार और सीआरपीएफ की 154वीं बटालियन के कमांडेंट सुनील दत्त त्रिपाठी को गुप्त सूचना मिली थी। सूचना में बताया गया था कि चतरो गांव के पास जोकाई नाला और सतकटिया के जंगलों में नक्सलियों ने भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक छिपाकर रखे हैं। इसके बाद सीआरपीएफ, झारखंड आर्म्ड पुलिस (जैप) और जिला पुलिस की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया और इलाकों में सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया।

सुबह से दोपहर तक चले इस तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने कई संदिग्ध ठिकानों से विस्फोटक सामग्री के अलावा संचार उपकरण भी बरामद किए। बरामद सामान में एमुलडाइन कंपनी के 494 जिलेटिन पीस, 16 कमर्शियल डेटोनेटर, लगभग 200 मीटर के 9 कॉर्डेक्स वायर बंडल, दो क्षतिग्रस्त वायरलेस सेट (मोटोरोला और टॉकअबाउट), राइफल की सीलिंग के दो पीस और एक क्षतिग्रस्त स्पीकर शामिल है। इस अभियान का नेतृत्व सीआरपीएफ 154वीं बटालियन के डिप्टी कमांडेंट भट्टाचार्य उपाध्याय भास्कर और खुखरा थाना प्रभारी रविंद्र कुमार सिंह ने किया।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन विस्फोटकों का इस्तेमाल इलाके में किसी बड़ी हिंसा या विध्वंसक गतिविधि को अंजाम देने के लिए किया जाना था। फिलहाल पुलिस और सुरक्षा बल बरामद सामग्री के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई और गहन जांच कर रहे हैं। इस कार्रवाई को पारसनाथ के पहाड़ी और जंगली इलाकों में नक्सली गतिविधियों पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।





