

"जमुई मामले के मुख्य आरोपी के एनकाउंटर पर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद पप्पू यादव ने इसे 'आईवॉश' बताते हुए सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं।"
बिहार के जमुई जिले में हुई एक सनसनीखेज घटना के मुख्य आरोपी नंदन यादव के पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के दौरान हुई मुठभेड़ में आरोपी के पैर में गोली लगी है, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा एक विशेष जांच दल (SIT) का भी गठन किया गया है।
इस घटना के सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में बयानों का दौर शुरू हो गया है। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद और कांग्रेस समर्थित नेता पप्पू यादव ने इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन पर सीधा हमला बोलते हुए इस कार्रवाई को महज एक दिखावा करार दिया है।

पप्पू यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए आरोप लगाया कि प्रशासन ने लीपापोती करने के लिए 'हाफ एनकाउंटर' का ड्रामा रचा है। उनका कहना है कि केवल मुख्य आरोपी के पैर में गोली लग जाना ही न्याय नहीं है, बल्कि इस जघन्य घटना में शामिल अन्य सभी दोषियों को भी बेनकाब कर उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
दूसरी ओर, पुलिस अधिकारियों ने पप्पू यादव के इन आरोपों को खारिज करते हुए अपने आधिकारिक घटनाक्रम का बचाव किया है। पुलिस का स्पष्ट कहना है कि आरोपी को पकड़ने के दौरान उसने पुलिस दल पर फायरिंग की थी, जिसके बाद आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी। बहरहाल, इस राजनीतिक बयानबाजी के बीच एसआईटी अपनी जांच को आगे बढ़ा रही है।
