

"झारखंड के पलामू जिले के छतरपुर थाना क्षेत्र में एक नवजात बच्ची के खेत की मेड़ पर मिलने से सनसनी फैल गई है। घटनास्थल पर पूजा सामग्री मिलने के कारण ग्रामीणों ने बलि दिए जाने की आशंका जताई है, जबकि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।"
झारखंड के पलामू जिले के छतरपुर थाना क्षेत्र के मनहूं गांव में एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां शुक्रवार रात देवी मंदिर के पास धान के खेत की मेड़ पर एक नवजात बच्ची लावारिस हालत में मिली। घटनास्थल के आसपास सिंदूर, टिकली, कंघी और अन्य पूजा-पाठ की सामग्री मिलने के बाद ग्रामीणों ने अंदेशा जताया है कि बच्ची की बलि देने की कोशिश की गई थी। हालांकि, पुलिस और प्रशासन ने अभी तक इन अटकलों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बच्ची के जन्म के कुछ ही घंटों बाद उसे एक झोले में रखकर मंदिर के पास छोड़ा गया था, जिसे समय रहते ग्रामीणों ने देख लिया और त्वरित कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध महिला को मौके पर ही रोक लिया, जबकि अन्य महिलाएं भागने में सफल रहीं।


घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई और छतरपुर थाना प्रभारी सौरव चौबे के नेतृत्व में पुलिस बल ने नवजात बच्ची व उसकी मां को सुरक्षित रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया। बेहतर और विशेष इलाज के लिए दोनों को मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल (MMCH) रेफर कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में पारिवारिक कारणों का संकेत मिल रहा है, लेकिन नवजात को सुनसान खेत में छोड़ने और वहां पूजा सामग्री मिलने के पीछे के असली मकसद का खुलासा गहन जांच के बाद ही हो पाएगा। पुलिस ने आम जनता और ग्रामीणों से किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है तथा फरार महिलाओं की तलाश समेत हर संभावित एंगल पर बारीकी से तफ्तीश की जा रही है।






