

"ओडिशा के केंद्रापड़ा में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर अनुपमा साहू के पास से विजिलेंस ने 7.15 लाख रुपये बरामद किए हैं। यह कार्रवाई रिश्वतखोरी के आरोपों के बाद की गई है।"
ओडिशा के केंद्रापड़ा जिले में विजिलेंस विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर अनुपमा साहू को कथित रिश्वतखोरी के आरोप में घेरे में लिया है। विजिलेंस टीम ने सबसे पहले NH-53A पर उनके सरकारी वाहन को रोका, जहां तलाशी के दौरान उनके पास से 3.15 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। अधिकारी इस बड़ी धनराशि का कोई संतोषजनक स्रोत नहीं बता सकीं।
प्राथमिक पूछताछ और सड़क पर मिली नकदी के बाद विजिलेंस की टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुपमा साहू के आवास पर भी दबिश दी। जब जांच अधिकारियों ने केंद्रापड़ा स्थित उनके घर की तलाशी ली, तो उन्हें वहां से अतिरिक्त 4 लाख रुपये नकद मिले। इस तरह कुल बरामदगी की राशि 7.15 लाख रुपये तक पहुंच गई, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया है।
विजिलेंस सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई ठेकेदारों के लंबित बिलों को पास करने के बदले कथित रूप से रिश्वत लेने की गुप्त सूचना के आधार पर की गई है। 5 सितंबर को मिली शिकायत के बाद टीम पूरी तैयारी के साथ सक्रिय हुई थी। माना जा रहा है कि यह पूरी रकम ठेकेदारों से अनुचित तरीके से वसूली गई थी, जिसकी जांच अब व्यापक स्तर पर की जा रही है।
फिलहाल विजिलेंस की टीम अनुपमा साहू के वित्तीय लेनदेन, सरकारी रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या यह पूरी राशि रिश्वतखोरी से जुड़ी है। जांच जारी है और संबंधित फाइलों को खंगाला जा रहा है ताकि भ्रष्टाचार के इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
