

"रांची के सुकुरहुटू में 'मन की बात' कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेता नितिन नवीन ने बूथ अध्यक्ष को अपने पास बुलाकर सम्मान दिया और उन्हें संगठन की असली ताकत बताया।"
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन ने रांची के सुकुरहुटू में बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के प्रति अद्भुत सम्मान का संदेश दिया है। कांके विधानसभा क्षेत्र के सुकुरहुटू स्थित बिरसा मंडप अखाड़ा में बूथ संख्या-249 पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के सामूहिक श्रवण का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम के दौरान नितिन नवीन ने प्रोटोकॉल से हटकर पीछे खड़े बूथ अध्यक्ष आकाश कुमार और मंडल अध्यक्ष प्रभात कुमार को अपने पास बुलाया और कहा कि आप हमारे मालिक हैं।
कार्यक्रम के दौरान नितिन नवीन ने पार्टी संगठन में जमीनी कार्यकर्ताओं की भूमिका को सर्वोपरि बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा की वास्तविक ताकत उसके समर्पित और मेहनती कार्यकर्ता ही हैं, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों और केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पूरी निष्ठा के साथ पहुंचाते हैं। बूथ अध्यक्ष को अपने पास खड़ा कर उन्होंने यह संदेश दिया कि पार्टी के भीतर जमीनी स्तर के नेताओं और कार्यकर्ताओं का सम्मान ही संगठन की सबसे बड़ी पूंजी है।

‘मन की बात’ सुनने के बाद नितिन नवीन ने वहां मौजूद महिलाओं और परिवारों से सीधा संवाद किया। उन्होंने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष जोर देते हुए केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘लखपति दीदी योजना’ का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना एक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण कदम है। जब देश की माताएं और बहनें आर्थिक रूप से मजबूत होंगी, तो परिवार और समाज दोनों का भविष्य सुरक्षित और उज्जवल होगा।
इसके अलावा, नितिन नवीन ने बेटियों की शिक्षा पर जोर देते हुए उन्हें आगे बढ़ाने के लिए समाज से आगे आने की अपील की। कार्यक्रम की शुरुआत में उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत रुद्राक्ष का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी समेत कई वरिष्ठ नेता और ग्रामीण बड़ी संख्या में मौजूद रहे।





