

"आदिवासी युवा नेत्री निशा भगत की आत्महत्या मामले में राजनीति गरमा गई है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने रिम्स पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और इस घटना की सीबीआई जांच की मांग उठाई है।"
आदिवासी समाज की युवा नेत्री निशा भगत की आत्महत्या का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। झारखंड के रिम्स पहुंचकर परिजनों से मिलने के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय सीबीआई जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आशंका जताई है कि निशा भगत धर्मांतरण और जमीन दलालों के खिलाफ लगातार आवाज उठा रही थीं, जिसके चलते वह कुछ असामाजिक तत्वों के निशाने पर हो सकती थीं। हालांकि, इन सभी आशंकाओं और पुलिस जांच के बीच मामले के हर पहलू की गहराई से पड़ताल होनी बेहद जरूरी है ताकि सच्चाई सामने आ सके।


रिम्स में परिजनों को सांत्वना देते हुए आदित्य साहू ने कहा कि निशा भगत का असमय जाना जनजातीय समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। इस दौरान केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, भानु प्रताप शाही और रांची की मेयर रोशनी खलखो समेत कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में मांग की है कि निशा को न्याय दिलाने के लिए दबाव, धमकी या अन्य संभावित साजिशों के एंगल से निष्पक्ष जांच की जाए, जिससे दोषियों की पहचान करके उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।






