

"नेपाल में भीषण बाढ़ के बीच भारतीय रेस्क्यू टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है। भारतीय विशेषज्ञ सुरंग में बचाव कार्य तेज करते हुए अब तक 166 भारतीयों को सुरक्षित निकाल चुके हैं।"
नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बीच भारत का राहत और बचाव अभियान पूरे जोर-शोर से जारी है। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों, गहरे कीचड़ और सुरंग में भारी रुकावटों का सामना करते हुए भारतीय टनल रेस्क्यू टीम ने उल्लेखनीय प्रगति की है। टीम ने सुरंग के भीतर करीब 100 मीटर की गहराई तक अपनी पहुंच बना ली है, जहां वे नेपाली सेना के साथ मिलकर समन्वित तरीके से काम कर रहे हैं। इस रेस्क्यू ऑपरेशन का मुख्य केंद्र चिलिमे है, जहां हर पल बदलते हालात बचाव कार्य को और कठिन बना रहे हैं, लेकिन भारतीय विशेषज्ञ अपनी रणनीति में लगातार बदलाव कर ऑपरेशन को सफल बनाने में जुटे हैं।
रेस्क्यू अभियान की गति को और बढ़ाने के लिए भारतीय टीम ने अपनी कार्ययोजना में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। टीम ने अपना आधार शिविर त्रिशूली से बदलकर स्याब्रुबेसी शिफ्ट कर दिया है, जिससे चिलिमे तक पहुंचने के समय में कमी आई है। इसके अतिरिक्त, भारतीय विशेषज्ञ सुरंग तक एक अस्थायी सड़क बनाने की संभावनाओं पर भी काम कर रहे हैं, ताकि भारी रेस्क्यू उपकरणों को सीधे ऑपरेशन स्थल तक पहुंचाया जा सके। भारत से पहुंचे 11 नए रेस्क्यू विशेषज्ञ विशेष अत्याधुनिक उपकरणों के साथ त्रिशूली बाजार पहुंच चुके हैं और जल्द ही बचाव कार्यों में शामिल होकर ऑपरेशन को नई दिशा देंगे।
भारत के इस मिशन की सबसे बड़ी सफलता नेपाल में फंसे 166 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालना है, जिसमें हाल ही में रेस्क्यू किए गए तीन भारतीय भी शामिल हैं। राहत प्रयासों के विस्तार के तहत, भारत ने हवाई मार्ग से भी मदद का सिलसिला जारी रखा है। भारतीय वायुसेना का पांचवां विमान काठमांडू पहुंचा, जिसमें करीब 5.5 टन महत्वपूर्ण मेडिकल सामग्री, जैसे एंटीबायोटिक्स, दर्द निवारक और सर्जिकल उपकरण मौजूद थे। इस खेप के बाद भारत द्वारा नेपाल को दी गई कुल राहत सहायता अब लगभग 74 टन तक पहुंच गई है, जो दोनों देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों का प्रमाण है।
भारत का यह सहायता अभियान केवल बचाव कार्यों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि नेपाल की फॉरेंसिक जरूरतों में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। भारतीय फॉरेंसिक विशेषज्ञ काठमांडू की दो प्रयोगशालाओं में नेपाली वैज्ञानिकों के साथ मिलकर डीएनए सैंपलों की जांच कर रहे हैं। यह व्यापक रेस्क्यू मिशन इस बात को दर्शाता है कि भारत हर कदम पर नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा है, चाहे वह नागरिकों को सुरक्षित निकालना हो, कठिन इलाकों में रास्ता बनाना हो या आपदा के बाद की फॉरेंसिक और तकनीकी चुनौतियों का समाधान करना हो।
No similar articles found.