

"मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां के श्राद्धकर्म को लेकर झारखंड के रामगढ़ स्थित नेमरा गांव में सुरक्षा का अभेद्य घेरा बनाया गया है। 19 अक्टूबर तक 13 IPS और 42 DSP स्तर के अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे।"
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता स्वर्गीय रूपी सोरेन के श्राद्धकर्म को पूरी तरह शांतिपूर्ण और सुरक्षित संपन्न कराने के लिए रामगढ़ जिले के नेमरा गांव में सुरक्षा का अभेद्य घेरा तैयार किया गया है। कार्यक्रम की संवेदनशीलता और वीवीआईपी मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए पुलिस मुख्यालय ने सुरक्षा और विधि-व्यवस्था की पूरी कमान वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के हाथों में सौंपी है। गांव में 13 आईपीएस (IPS) और 42 डीएसपी (DSP) स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की गई है, जो 19 अक्टूबर तक मुस्तैदी से मोर्चा संभाले रहेंगे।
निर्धारित आधिकारिक कार्यक्रमों के अनुसार, आगामी 17 अक्टूबर को दशाकर्म की रस्म अदा की जाएगी, जबकि 18 अक्टूबर को पारंपरिक संस्कार भोज का आयोजन होना है। इन दोनों महत्वपूर्ण आयोजनों में राज्यभर से गणमान्य लोगों और भारी जनसमूह के जुटने की संभावना है। इसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की चूक न हो, इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं और सभी अधिकारियों को उनके ड्यूटी पॉइंट्स समझा दिए गए हैं।

सुरक्षा व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए कई अनुभवी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी दी गई है। इनमें एसटीएफ के डीआईजी इंद्रजीत महथा, एसआईबी के एसपी सौरभ, जेएपी-4 के समादेष्टा ऋषभ कुमार झा, विशेष शाखा के एसपी हरविंदर सिंह, एसीबी के एसपी सुमित कुमार अग्रवाल, जेएपी-6 के समादेष्टा राजेश कुमार, सीआईडी के एसपी रोशन गुड़िया और एसीबी के एसपी श्रीराम समद समेत अन्य अधिकारी शामिल हैं जो लगातार कैंप कर रहे हैं।
इससे पहले गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी दिवंगत मां की स्मृति में पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए दातून, पानी और भोजन परोसने की रस्म को पूरी श्रद्धा के साथ निभाया। इसके बाद पारंपरिक तरीके से चूल्हे की पूजा कर अग्नि प्रज्वलित की गई और भोजन पकाने की शुरुआत हुई। नेमरा में चल रहे इन आयोजनों के दौरान पुलिस प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता शांति व्यवस्था बनाए रखना और शोक संतप्त कार्यक्रम को व्यवस्थित ढंग से पूरा कराना है।





