

"संसद के मानसून सत्र में NEET पेपर लीक और छात्र आंदोलन को लेकर जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की, जबकि सरकार ने बहस के लिए अपनी सहमति जताई है।"
संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में NEET पेपर लीक और देशभर में हो रहे छात्र आंदोलन का मुद्दा जोर-शोर से गूंजा। विपक्षी दलों ने एकजुट होकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई, वहीं सरकार ने स्पष्ट किया कि वह सदन में इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार इस विषय पर चर्चा कराने को लेकर सहमत है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने के लिए सहयोग की अपील की।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के.सी. वेणुगोपाल ने विपक्ष का पक्ष रखते हुए कहा कि NEET मामले में जवाबदेही तय होना अनिवार्य है, जिसके लिए शिक्षा मंत्री का इस्तीफा जरूरी है। इसके जवाब में संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजीजू ने कहा कि सरकार किसी भी मुद्दे से भाग नहीं रही है। किरण रिजीजू ने आश्वासन दिया कि सभी दलों के साथ बैठक करके चर्चा की तारीख और नियम जल्द तय किए जाएंगे।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि विपक्ष की आक्रामक रणनीति और सरकार की तत्परता के बीच संसद में NEET विवाद पर कब और किस प्रकार की चर्चा होती है।





