

"नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने झारखंड के रांची और जमशेदपुर में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है और मास्टरमाइंड जिम्मी समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है।"
झारखंड में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने एक बहुत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एजेंसी ने अंतरराज्यीय ड्रग्स सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए इसके कथित मास्टरमाइंड जिम्मी समेत छह आरोपियों को रांची और जमशेदपुर से गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से राज्य के ड्रग्स तस्करों में हड़कंप मच गया है और तस्करी के इस नेटवर्क की कई अहम कड़ियां सामने आने का दावा किया जा रहा है।
जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। शुरुआती पड़ताल से पता चला है कि इस गिरोह के तार गोवा के ड्रग्स तस्करों से भी जुड़े हो सकते हैं। इस अवैध नेटवर्क को संचालित करने के लिए थाईलैंड, ब्रिटेन और अमेरिका के मोबाइल नंबरों तथा विदेशी संपर्कों का इस्तेमाल किया जा रहा था। अब एनसीबी इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि मादक पदार्थों की खेप कहां से मंगाई जाती थी और इसमें अंतरराष्ट्रीय तस्करों की क्या भूमिका थी।

पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के दौरान राजधानी रांची के मोरहाबादी और कांके स्थित दो बड़े बार में ड्रग्स की सप्लाई किए जाने का बड़ा खुलासा हुआ है। इस पुख्ता इनपुट के आधार पर एनसीबी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों बार संचालकों को औपचारिक समन जारी किया है और उन्हें 26 अक्टूबर को पूछताछ के लिए तलब किया है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन बार संचालकों की इस अवैध धंधे में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से क्या संलिप्तता रही है।
गौरतलब है कि जांच एजेंसी ने इस मामले में 16 अक्टूबर को आधिकारिक शिकायत दर्ज कर अपनी पड़ताल शुरू की थी। अब सभी गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि ड्रग्स की पूरी सप्लाई चेन, वित्तीय लेनदेन और इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य संदिग्ध चेहरों बेनकाब किया जा सके। हालांकि, बार संचालकों की भूमिका और ड्रग्स सप्लाई से जुड़े तमाम आरोपों की आधिकारिक पुष्टि विस्तृत जांच और संबंधित पक्षों के बयानों के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।





