

"उत्तराखंड के नैनीताल में भारी बारिश के कारण शिप्रा नदी उफान पर है और प्रशासन ने एहतियात के तौर पर स्कूलों में छुट्टी की घोषणा कर दी है।"
उत्तराखंड के नैनीताल जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। भवाली-अल्मोड़ा मार्ग पर स्थित विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम के निकट शिप्रा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है और नदी का बहाव काफी तेज हो गया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि फिलहाल कैंची धाम मंदिर पूरी तरह सुरक्षित है और किसी भी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है।
प्रशासन ने नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए स्थानीय निवासियों और पर्यटकों के लिए कड़ी चेतावनी जारी की है। विशेष रूप से खैरना-गरमपानी क्षेत्र में शिप्रा और कोसी नदी के तटवर्ती इलाकों में रहने वाले परिवारों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, और एहतियात के तौर पर एक परिवार को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित भी किया गया है। अधिकारियों ने आम जनता से नदी-नालों और गधेरों के करीब जाने से बचने की अपील की है।
मौसम विभाग (IMD) द्वारा नैनीताल में भारी से बहुत भारी बारिश का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किए जाने के बाद जिला प्रशासन ने सक्रियता दिखाते हुए 2 सितंबर को जनपद के सभी सरकारी, अर्द्धसरकारी और निजी स्कूलों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में कक्षा 1 से 12 तक के लिए एक दिन का अवकाश घोषित कर दिया। मौसम के मिजाज को देखते हुए प्रशासन ने स्थिति पर पैनी नजर रखी हुई है।
लगातार बारिश के चलते उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़कों के बाधित होने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। प्रशासन की टीमें मलबे को हटाने और यातायात बहाल करने के कार्य में जुटी हुई हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि 3 और 4 सितंबर को भी गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है, जिसके चलते निवासियों को अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
