

"MMDR संशोधन विधेयक को लेकर JMM महासचिव विनोद पांडेय ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि झारखंड अपनी खनिज संपदा और राजस्व अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ेगा।"
MMDR Amendment Bill 2026 को लेकर झारखंड की राजनीति में उबाल आ गया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने केंद्र सरकार के इस विधेयक को राज्य के हितों पर सीधा हमला करार दिया है। JMM महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि राज्य की खनिज संपदा और उसके वाजिब अधिकारों से किसी भी सूरत में समझौता नहीं किया जाएगा।
विनोद पांडेय ने सवाल किया कि यदि खनन का दर्द, प्रदूषण और विस्थापन झारखंड की जनता झेलती है, तो राजस्व और नीति निर्धारण का अधिकार केंद्र के पास क्यों होना चाहिए? उन्होंने दावा किया कि इस संशोधन से राज्य को लगभग 15 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो सकता है, जो राज्य की वित्तीय स्थिति को कमजोर करेगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में विनोद पांडेय ने जोर देकर कहा, "भारत की संघीय व्यवस्था राज्यों के अधिकारों पर टिकी है। केंद्र द्वारा राज्यों की वित्तीय शक्तियों को सीमित करना पूरे संघीय ढांचे के लिए एक गंभीर चुनौती है। JMM इस मुद्दे को लेकर सड़क से लेकर कानूनी मंच तक संघर्ष करने के लिए तैयार है।"
केंद्र सरकार का तर्क है कि इस विधेयक से खनन क्षेत्र में लागत और अनिश्चितता कम होगी, लेकिन JMM ने इसे विकास के नाम पर राज्यों के अधिकारों को हड़पने की साजिश बताया है। अब देखना यह है कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच का यह टकराव आने वाले समय में क्या रुख अपनाता है।





