

"झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने MMDR संशोधन विधेयक 2026 के प्रावधानों पर गंभीर आपत्ति जताते हुए केंद्र से पुनर्विचार की मांग की है।"
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने इस विधेयक के प्रावधानों पर गंभीर आपत्ति जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को पत्र लिखकर राज्य के हितों की रक्षा करने की मांग की है।
पीएम मोदी से पुनर्विचार का आग्रह
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में विधेयक की धारा 9D और क्लॉज 2, 3, 4 व 5 पर गंभीर संवैधानिक और वित्तीय चिंताएं जताई हैं। सोरेन का तर्क है कि ये प्रावधान राज्यों की खनिज-युक्त भूमि पर टैक्स और सेस लगाने की स्वायत्तता को केंद्र के प्रतिबंधों के अधीन कर देंगे, जो संघीय ढांचे के खिलाफ है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला
हेमंत सोरेन ने 25 जुलाई 2024 के सुप्रीम कोर्ट की नौ जजों की पीठ के ऐतिहासिक फैसले का हवाला दिया है, जिसने राज्यों को खनिज संपदा पर कर लगाने का विधायी अधिकार दिया था। उन्होंने इसी संवैधानिक स्थिति को आधार बनाकर विधेयक के प्रावधानों को बदलने का आग्रह किया है।
राष्ट्रपति और राहुल गांधी से समर्थन की अपील
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से हस्तक्षेप की मांग करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विधेयक ने राज्यों के संवैधानिक अधिकारों को सीमित कर दिया है। वहीं, राहुल गांधी को लिखे पत्र में उन्होंने इसे देश के सभी खनिज-समृद्ध राज्यों का साझा मुद्दा बताते हुए उनसे संसद में सहयोग और समर्थन देने की अपील की है।





