

"झारखंड के गिरिडीह में प्रशासन द्वारा अंतिम समय में मनोज तिवारी के रोड शो की अनुमति रद्द कर दी गई। इसके बाद उन्होंने पिकअप वैन से जनता को संबोधित किया और प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाए।"
झारखंड के गिरिडीह जिले में भारतीय जनता पार्टी के सांसद और प्रसिद्ध भोजपुरी गायक-अभिनेता मनोज तिवारी के प्रस्तावित रोड शो को प्रशासन द्वारा अचानक रद्द किए जाने के बाद सियासी घमासान मच गया है। कार्यक्रम शुरू होने से महज दो घंटे पहले सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अनुमति वापस ले ली गई, जिससे नाराज होकर मनोज तिवारी ने झंडा मैदान में एक पिकअप वैन को ही अपना मंच बना लिया और वहां मौजूद भारी जनसमूह को संबोधित किया।
जनता को संबोधित करते हुए मनोज तिवारी ने प्रशासन के इस फैसले पर तीखा रोष व्यक्त किया और सवाल उठाया कि उनके आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हजारों लोगों का क्या कसूर था? उन्होंने कहा कि वह गिरिडीह की सड़कों पर उतरकर जनता से मिलना चाहते थे, लेकिन अंतिम समय में रोक लगाकर उनके लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित करने का प्रयास किया गया है।

इस पूरे घटनाक्रम पर नाराजगी जताते हुए आयोजक विनोद सिन्हा ने ऐलान किया है कि प्रशासन के इस मनमाने रवैये के खिलाफ वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। वहीं, मामले पर सफाई देते हुए गिरिडीह के एसडीओ धीरेन्द्र कुमार ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था और सुरक्षा के दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए ही रोड शो की अनुमति को रद्द करने का निर्णय लिया गया था।
रोड शो की अनुमति निरस्त होने के बावजूद मनोज तिवारी ने अपने खास अंदाज में जनता से संवाद किया और इस दौरान कुछ लोकप्रिय भोजपुरी गीत भी सुनाए, जिससे वहां मौजूद युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। हालांकि, इस प्रशासनिक कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा तूल पकड़ सकता है।





