

"महाराष्ट्र सरकार ने खरीफ सीजन में कम बारिश के चलते राज्य के 265 तालुकों में सूखा घोषित कर दिया है। सरकार ने किसानों को कृषि ऋण वसूली में छूट और बिजली बिलों में राहत समेत कई बड़े उपायों का ऐलान किया है।"
महाराष्ट्र सरकार ने खरीफ 2026 के दौरान कम बारिश और सूखे से जुड़े विभिन्न मानकों को ध्यान में रखते हुए राज्य के 265 तालुकों में आधिकारिक तौर पर सूखा घोषित कर दिया है। इन तमाम प्रभावित क्षेत्रों में किसानों और ग्रामीण आबादी को तत्काल राहत पहुंचाने के लिए राज्य प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण उपायों की घोषणा की है, जिससे संकट की इस घड़ी में जनता को संबल मिल सके।
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने इस संबंध में जानकारी देते हुए स्पष्ट किया है कि सूखा प्रभावित किसानों और उनके परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राहत एवं पुनर्वास विभाग की ओर से इस संदर्भ में विस्तृत शासनादेश भी जारी कर दिया गया है, जिसके तहत सूखा प्रबंधन संहिता-2016 के प्रावधानों को तुरंत प्रभाव से लागू किया जा रहा है।

सरकार के निर्देशों के अनुसार, सभी संबंधित जिलाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से फसल नुकसान का पंचनामा और जमीनी स्तर पर सर्वे करने के आदेश दिए गए हैं। इस सर्वे के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने के लिए फसलों की उच्च-रिजॉल्यूशन तस्वीरों के साथ सटीक GPS कोऑर्डिनेट्स भी दर्ज किए जाएंगे ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे और वास्तविक पीड़ितों तक मदद पहुंच सके।
सूखाग्रस्त घोषित किए गए इन तालुकों में किसानों को भू-राजस्व में छूट, फसल ऋण के पुनर्गठन और कृषि ऋण की वसूली पर रोक जैसे बड़े राहत कदम उठाए जाएंगे। इसके अलावा कृषि पंपों के बिजली बिलों में रियायत, टैंकरों से जलापूर्ति, पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था और स्कूली-कॉलेज के छात्रों की परीक्षा फीस माफ करने जैसी कल्याणकारी योजनाएं भी क्रियान्वित की जा रही हैं।


