

"पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में 91 साल पुराने चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मचने से 19 लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य घायल हो गए। हादसे के वक्त बारिश के कारण पंडाल में भारी भीड़ जमा हो गई थी।"
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में शनिवार शाम को दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो गया। उत्तर कोलकाता के ऐतिहासिक 91 साल पुराने चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में अचानक भगदड़ मचने से 19 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 25 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। इस भयानक हादसे में जान गंवाने वालों में 13 महिलाएं भी शामिल हैं, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
प्रत्यक्षदर्शियों और आयोजकों से मिली जानकारी के अनुसार, हादसे के वक्त इलाके में तेज बारिश हो रही थी, जिससे बचने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंडाल के अंदर शरण लेने की कोशिश कर रहे थे। इस बार चोरबागान का पंडाल अपनी अनूठी थीम के कारण विशेष आकर्षण का केंद्र था, जिसे करीब 20 हजार वर्ग फीट में एक घूमने वाले डिजाइन के रूप में तैयार किया गया था। पंडाल के अंदर कृत्रिम अंधेरा रखकर श्रद्धालुओं को गोलाकार गलियारे से माता के दर्शन कराए जा रहे थे, लेकिन संकरे रास्तों और भारी बारिश के कारण भीड़ का दबाव अचानक अत्यधिक बढ़ गया।

जैसे ही प्रवेश और निकास मार्गों पर भीड़ बेकाबू हुई, भगदड़ की स्थिति बन गई और कई श्रद्धालु जमीन पर गिरकर भीड़ के पैरों तले कुचले गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और आपदा प्रबंधन दल तुरंत मौके पर पहुंचे तथा राहत एवं बचाव कार्य शुरू करते हुए सभी घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया। इस भयावह हादसे के बाद प्रशासन और पूजा आयोजकों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं तथा सुरक्षा के मद्देनजर चोरबागान समेत चार अन्य बड़े पूजा पंडालों को भी आगामी कार्यक्रमों के लिए बंद कर दिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने इस दुखद हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर रविवार के सभी सांस्कृतिक और पारंपरिक कार्यक्रमों को पूरी तरह से स्थगित कर दिया है।


