

"कोडरमा के सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार को 15 वर्षीय नाबालिग से कथित यौन शोषण के गंभीर मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी डॉक्टर को मेडिकल जांच के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।"
कोडरमा जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां स्वास्थ्य विभाग के मुखिया यानी सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार को एक 15 वर्षीय नाबालिग के यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शनिवार देर रात चंदवारा के उरवां स्थित उनके निजी फार्म हाउस से कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया। इस उच्चाधिकारी की गिरफ्तारी से पूरे प्रशासनिक और स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।
पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कुमार शिवाशिष ने इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी की पुष्टि की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ की रहने वाली पीड़िता ने चाइल्ड हेल्पलाइन पर अपनी आपबीती साझा की थी। इसके बाद बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष उसका विस्तृत बयान दर्ज किया गया, जिसके आधार पर कोडरमा महिला थाने में पॉक्सो एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।

शिकायत में गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि वर्ष 2025 में अपनी मां के इलाज के दौरान नाबालिग की पहचान इस डॉक्टर से हुई थी। आरोप है कि पिछले दो महीनों के दौरान सिविल सर्जन ने तीन बार इस नाबालिग का यौन शोषण किया। पुलिस ने कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए डैम ओपी में रखने के बाद महिला थाने में पूछताछ की और सदर अस्पताल में उनका मेडिकल मुआयना कराया।
सारी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद रविवार को आरोपी डॉक्टर को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। हालांकि, जब मीडिया ने इस मामले में डॉ. अनिल कुमार से उनका पक्ष जानना चाहा, तो उन्होंने मीडिया के सामने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया और इस मामले पर पूरी तरह चुप्पी साध रखी है। पुलिस अब इस पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कर रही है ताकि अन्य तथ्यों को भी उजागर किया जा सके।





