

"झारखंड के कोडरमा स्थित ब्रिंदाहा वाटरफॉल में डूबे 14 वर्षीय छात्र सागर कुमार की तलाश के लिए NDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन तीसरे दिन भी जारी है।"
झारखंड के कोडरमा जिले में स्थित ब्रिंदाहा वाटरफॉल में डूबे 14 वर्षीय छात्र सागर कुमार का पता लगाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन तीसरे दिन भी पूरे जोर-शोर से जारी है। NDRF की नौवीं बटालियन के 30 सदस्यीय जवान लगातार घटना स्थल पर डटे हुए हैं और पानी के भीतर सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। अब तक कई संभावित स्थानों को खंगाला जा चुका है, लेकिन दुखद रूप से अभी तक छात्र का कोई सुराग नहीं मिल सका है।
रेस्क्यू टीम का नेतृत्व कर रहे NDRF इंस्पेक्टर मुकेश कुमार ने बताया कि झरने में पानी का तेज बहाव और अत्यधिक दबाव टीम के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। गोताखोरों की टीम को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर पहाड़ी इलाके की गुफानुमा जगहों और गहरी कैविटी की जांच की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि छात्र पानी के तेज बहाव में फंसकर किसी चट्टान या गुफा में उलझा हो सकता है, जिसे ध्यान में रखते हुए बारीकी से छानबीन की जा रही है।

यह दर्दनाक हादसा 9 सितंबर को उस समय हुआ, जब बिहार के जहानाबाद निवासी सागर कुमार अपने कोचिंग संचालक और साथियों के साथ शैक्षणिक भ्रमण पर ब्रिंदाहा वाटरफॉल पहुंचा था। नहाने के दौरान अचानक पानी के तेज बहाव में आने से वह गहरे पानी में समा गया। घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी बेटे का पता नहीं चलने से सागर के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की गुहार लगा रहे हैं।
इस मामले ने अब एक विवाद का रूप भी ले लिया है, क्योंकि पीड़ित पिता ने कोचिंग संचालक पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उन्होंने सवाल उठाया है कि बारिश के मौसम में बच्चों को इतने खतरनाक जलप्रपात क्षेत्र में ले जाने का जोखिम क्यों लिया गया। फिलहाल, जिला प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए NDRF का रेस्क्यू अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक कि लापता छात्र का कोई ठोस सुराग नहीं मिल जाता।





