

"झारखंड में JSSC-CGL परीक्षा पेपर लीक मामले की जांच तेज हो गई है। 17 सदस्यीय SIT ने 37 संदिग्धों को पूछताछ के दायरे में लिया है, जिससे परीक्षा धांधली के दोषियों पर शिकंजा कसा जा रहा है।"
झारखंड में JSSC-CGL परीक्षा विवाद की जांच अब नए और निर्णायक दौर में प्रवेश कर चुकी है। पेपर लीक के आरोपों की गंभीरता को देखते हुए CID ने अपनी जांच का दायरा काफी बढ़ा दिया है। CID ADG मनोज कौशिक के निर्देश पर 17 सदस्यीय एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जिसकी कमान STF IG अनुप बिरथरे को सौंपी गई है।
इस SIT में DIG रमेश, SP हदीप पी. जनार्दन, SP सोमेश, SP निधि द्विवेदी, SP पूज्य प्रकाश, SP रोशन गुड़िया और SP चैतन्य श्रुति जैसे अनुभवी अधिकारी शामिल हैं। टीम ने सक्रिय होते ही 37 संदिग्धों को नोटिस जारी कर पूछताछ शुरू कर दी है।
जांच का रुख तब बदला जब TDPL के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी की गिरफ्तारी हुई। पूछताछ में मिले इनपुट से संकेत मिले हैं कि परीक्षा में बड़े स्तर पर पैसों का लेन-देन कर अयोग्य अभ्यर्थियों को पास कराने का खेल खेला गया। बता दें कि 21 और 22 सितंबर 2024 को आयोजित हुई इस परीक्षा को लेकर राज्य सरकार पहले ही इसे रद्द कर चुकी है। अब छात्रों को उम्मीद है कि SIT की इस विस्तृत जांच से परीक्षा में हुई धांधली की पूरी साजिश का पर्दाफाश होगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।





