

"झारखंड में JSSC CGL परीक्षा रद्द होने के बाद भी प्रदर्शनकारी छात्रा साविता कुमारी का अनशन जारी है। उनकी मुख्य मांग अब पूरे मामले की CBI जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई है।"
रांची: झारखंड में JSSC CGL परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले के बाद से छात्रों में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। पिछले 15 दिनों से आमरण अनशन पर बैठी छात्रा साविता कुमारी ने सरकार के निर्णय का स्वागत तो किया है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनकी लड़ाई अभी अधूरी है।
साविता कुमारी का कहना है कि परीक्षा रद्द होना आंदोलन की एक महत्वपूर्ण जीत है, लेकिन जब तक इस पूरी भर्ती प्रक्रिया में हुई धांधली की CBI जांच नहीं होती, तब तक छात्रों को पूर्ण न्याय नहीं मिलेगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले असली दोषियों की पहचान कर उन पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
साविता ने चेतावनी दी है कि जब तक सरकार की ओर से निष्पक्ष जांच का लिखित आश्वासन नहीं मिलता, उनका भूख हड़ताल जारी रहेगा। वर्तमान में राज्य सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बातचीत का दौर चल रहा है, जिस पर सबकी नजरें टिकी हैं। छात्रों की मांग केवल परीक्षा रद्द करने तक सीमित नहीं, बल्कि वे पूरे सिस्टम में पारदर्शिता चाहते हैं।





