

"JSSC CGL पेपर लीक मामले में छात्र नेता राजेश प्रसाद ने सरकार के फैसलों का स्वागत किया है, लेकिन CBI जांच की अपनी मांग पर अडिग हैं।"
रांची में JSSC CGL समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाने वाले छात्र नेता राजेश प्रसाद ने सरकार के हालिया निर्णयों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के फैसलों का स्वागत करते हुए कहा कि छात्रों की प्रमुख मांगों के पूरा होने से बड़ी राहत मिली है।
हालांकि, राजेश प्रसाद ने स्पष्ट किया कि आंदोलन अभी थमा नहीं है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, 'छोटी मछलियों को पकड़ने से कुछ नहीं होगा, जब तक बड़े मगरमच्छ नहीं पकड़े जाते।' उनका मानना है कि परीक्षा माफियाओं की जड़ तक पहुंचने के लिए केवल निचले स्तर पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि मास्टरमाइंड तक पहुंचना जरूरी है।
राजेश प्रसाद ने आगे कहा कि उन्हें CID जांच पर भरोसा नहीं है और वे निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए CBI जांच की मांग पर कायम हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री की सराहना करते हुए 'हेमंत है तो हिम्मत है' का नारा भी दोहराया, लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि जब तक दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होती, छात्रों का आंदोलन जारी रहेगा।





