

"झारखंड में JSSC CGL परीक्षा रद्द होने से छात्रों ने राहत की सांस ली है, लेकिन धांधली के दोषियों पर कार्रवाई और CBI जांच की मांग को लेकर आंदोलन अभी भी जारी रखने का ऐलान किया गया है।"
रांची में JSSC CGL परीक्षा के रद्द होने के बाद छात्र संगठनों ने इसे अपनी पहली बड़ी जीत करार दिया है। लंबे समय से राज्य भर में चल रहे विरोध प्रदर्शन के बाद सरकार द्वारा परीक्षा रद्द किए जाने से छात्रों में खुशी का माहौल है, लेकिन उन्होंने अपनी अगली रणनीति भी स्पष्ट कर दी है।
छात्रों का स्पष्ट कहना है कि केवल परीक्षा रद्द करना ही काफी नहीं है। उन्होंने परीक्षा में हुई कथित धांधली के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दोषियों पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक उग्र बनाएंगे और ED कार्यालय के बाहर भी अनशन करने के लिए मजबूर होंगे।
इसके अतिरिक्त, छात्र संगठनों ने JSSC और JPSC से जुड़े सभी विवादास्पद मामलों की CBI जांच कराने की अपनी मांग को पुनः दोहराया है। छात्रों का मानना है कि जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होगी, तब तक व्यवस्था में सुधार संभव नहीं है।
इस बीच, आज सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है। इस बैठक पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी हैं, क्योंकि इसी से यह तय होगा कि क्या छात्रों का आंदोलन समाप्त होगा या इसे आगे और धार दी जाएगी।





