

"झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर भाजपा ने आक्रामक रुख अपना लिया है। प्रदेश प्रवक्ता शोभा यादव ने मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हुए हजारों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है।"
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर राज्य में राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गई है। झारखंड भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता शोभा यादव ने इस पूरे प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई (CBI) जांच की पुरजोर मांग की है। उनका कहना है कि जब तक इस संवेदनशील मामले की जांच किसी केंद्रीय एजेंसी के सुपुर्द नहीं की जाती, तब तक इसमें शामिल असली दोषियों और पूरी सच्चाई का सामने आना असंभव है।
शोभा यादव ने सीआईडी (CID) जांच से जुड़े बयानों का हवाला देते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं कि 11वीं और 13वीं सिविल सेवा परीक्षाओं में इंटरव्यू के दौरान कथित रूप से बड़े पैमाने पर हेरफेर किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ अभ्यर्थियों से इंटरव्यू में अच्छे अंक दिलाने और डीएसपी तथा डिप्टी जेलर जैसे प्रतिष्ठित पदों पर चयन सुनिश्चित करने के एवज में 15 लाख रुपये तक वसूले जाने की बात सामने आई है। जांच के दायरे में यह बात भी उठी है कि कथित सेटिंग के जरिए कुछ खास उम्मीदवारों के इंटरव्यू मार्क्स में 80 अंकों तक की भारी बढ़ोतरी की गई थी।

भाजपा प्रवक्ता ने इस बात पर जोर दिया कि यदि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता के बजाय पैसे और पहुंच के बल पर परिणाम तय होने लगेंगे, तो यह केवल कुछ उम्मीदवारों का व्यक्तिगत मामला नहीं रह जाएगा। इससे राज्य की पूरी भर्ती व्यवस्था की विश्वसनीयता और झारखंड के हजारों मेहनती युवाओं के भविष्य पर बड़ा प्रश्नचिह्न लग जाता है। उन्होंने राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए तीखे सवाल किए कि आखिर इतनी महत्वपूर्ण संस्था से जुड़े गंभीर मामलों में अब तक कोई ठोस प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की गई है।
शोभा यादव ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि झारखंड के युवाओं को अपनी मेहनत के दम पर रोजगार और नौकरियां चाहिए, न कि नौकरी के नाम पर खुलेआम होने वाली कथित सौदेबाजी। फिलहाल, इस पूरे मामले में सीआईडी ओएमआर शीट (OMR), परीक्षा प्रक्रिया और पैसे की वसूली से जुड़े तमाम पहलुओं की गहराई से छानबीन कर रही है, लेकिन भाजपा के आक्रामक तेवरों ने इस मुद्दे को आगामी राजनीतिक गलियारों में और अधिक गरमा दिया है।





