

"झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और CBI जांच की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी।"
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली को लेकर दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज अहम सुनवाई होने जा रही है। यह याचिका सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन की ओर से दायर की गई है, जिसमें पूरी परीक्षा प्रक्रिया की स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच सीबीआई (CBI) से कराने की पुरजोर मांग की गई है। अदालत के इस रुख पर पूरे राज्य के युवाओं और अभ्यर्थियों की नजरें टिकी हुई हैं।
दाखिला याचिका में यह भी मांग की गई है कि परीक्षा से जुड़े ओएमआर (OMR) शीट, सीसीटीवी (CCTV) फुटेज, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य संवेदनशील दस्तावेजों को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाए। याचिकाकर्ता का तर्क है कि कथित अनियमितताओं की जांच केवल एक मामले तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर परीक्षा संचालन, ओएमआर स्कैनिंग, मूल्यांकन और अंतिम रिजल्ट तैयार करने तक की पूरी प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

गौरतलब है कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही केंद्र सरकार, झारखंड सरकार, जेपीएससी (JPSC), जेएसएससी (JSSC), सीबीआई और सीआईडी समेत सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर उनका जवाब तलब किया था। फिलहाल शीर्ष अदालत के समक्ष याचिका में लगाए गए गंभीर आरोप और संपूर्ण जांच प्रक्रिया को केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंपने का मामला विचाराधीन है। इस कानूनी प्रक्रिया के आगे बढ़ने से राज्य के प्रशासनिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है।
बता दें कि झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों के बीच लंबे समय से असंतोष, विवाद और बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिले हैं। इस विवाद से जुड़े कई अन्य मामले झारखंड हाईकोर्ट में भी लंबित हैं। हालांकि, परीक्षा में धांधली के इन आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट ने अभी तक कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है और पूरा मामला फिलहाल न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।





