

"रांची में JPSC-JSSC परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ जारी छात्रों के 15 दिवसीय आंदोलन में CJP के प्रवेश से नई हलचल मची है।"
रांची में चल रहे JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्रों का आंदोलन अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। पिछले 15 दिनों से लगातार सड़क पर संघर्ष कर रहे छात्रों के समर्थन में अब CJP का प्रतिनिधिमंडल भी मैदान में उतर आया है।
आंदोलन स्थल पर CJP की टीम के पहुंचने पर कई छात्रों ने इसका स्वागत किया, लेकिन माहौल में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। जहां कुछ छात्रों ने इसे आंदोलन को मजबूती देने वाला कदम बताया, वहीं कुछ ने तंज कसते हुए कहा, ‘बहुत देर कर दी हुजूर आते-आते’। नाराज छात्रों का तर्क है कि जब उन्हें सबसे ज्यादा समर्थन की आवश्यकता थी, तब ये संस्थाएं नदारद थीं।
आंदोलनकारी छात्रों का स्पष्ट कहना है कि उनकी लड़ाई केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि वे झारखंड की पूरी भर्ती प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध परिणाम की मांग कर रहे हैं। राज्य सरकार के साथ पूर्व में हुई बातचीत का कोई ठोस परिणाम न निकलने के कारण छात्रों में आक्रोश बरकरार है।
अब देखना यह होगा कि CJP के इस समर्थन से आंदोलन को कितनी व्यापकता मिलती है और सरकार इन मांगों पर क्या ठोस कदम उठाती है।





