

"रांची में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता के विरोध में 16 दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों का दर्द छलक पड़ा है। भूख हड़ताल पर बैठे युवाओं ने कहा कि वर्षों की मेहनत के बाद भी भविष्य को लेकर अनिश्चितता से वे टूट चुके हैं।"
रांची में सरकारी नौकरियों की राह देख रहे सैकड़ों युवाओं का सब्र अब जवाब दे गया है। JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्र पिछले 16 दिनों से सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आंदोलन में शामिल कई छात्र पिछले पांच दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
इंडिया न्यूज के संवाददाता मनीष मेहता ने जब आंदोलन स्थल पर छात्रों से बात की, तो एक छात्र भावुक होकर रो पड़ा। छात्र ने बताया, "हम 16 से 18 घंटे पढ़ाई करते थे। हमें सड़क पर उतरने का कोई शौक नहीं है, हम सिर्फ अपना भविष्य सुरक्षित करना चाहते हैं।"
छात्र ने आगे कहा, "सबसे कठिन पल तब होता है जब घर से मां का फोन आता है। उनकी आवाज सुनते ही आंखों में आंसू आ जाते हैं। घरवाले कहते हैं कि अगर इतनी तैयारी के बाद भी नौकरी नहीं मिल रही, तो इससे अच्छा है कि कोई दुकान खोल लो।"
इन युवाओं ने अपनी जिंदगी के कई महत्वपूर्ण साल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में खपा दिए हैं। अब ये छात्र सरकार से अपनी शिकायतों के निष्पक्ष समाधान की मांग कर रहे हैं और उम्मीद जता रहे हैं कि प्रशासन उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेगा।





