

"सुप्रीम कोर्ट द्वारा JPSC-JSSC नियुक्ति मामले में नोटिस जारी किए जाने के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने हेमंत सोरेन सरकार से CBI जांच से भागने का कारण पूछा है।"
झारखंड में JPSC और JSSC नियुक्ति विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के रुख ने राज्य की राजनीति गरमा दी है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा झारखंड सरकार और अन्य पक्षों को नोटिस जारी किए जाने के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा प्रहार किया है।
आदित्य साहू ने इसे छात्रों के संघर्ष की जीत बताया है और कहा कि अब युवाओं में न्याय की नई उम्मीद जगी है। उन्होंने सरकार से सीधा सवाल किया कि आखिर राज्य सरकार CBI जांच से क्यों कतरा रही है? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कथित तौर पर उन लोगों को बचाने का प्रयास कर रही है जिन्होंने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है।
भाजपा नेता ने राज्य सरकार की ओर से करवाई जा रही CID जांच को महज एक दिखावा करार दिया है। उन्होंने दावा किया कि राज्य की वर्तमान सरकार छात्र आंदोलनों को दबाने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है और युवाओं पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
अपनी भविष्य की रणनीति स्पष्ट करते हुए आदित्य साहू ने वादा किया कि यदि 2029 में भाजपा की सरकार बनती है, तो पहली कैबिनेट बैठक में JPSC-JSSC मामलों की CBI जांच की सिफारिश की जाएगी और छात्रों पर दर्ज झूठे मुकदमे वापस लिए जाएंगे।





