

"झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के बीच अमीषा प्रसाद ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना की है और शहबाज आलम को 'टेबल टॉक' की चुनौती दी है।"
रांची में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छिड़े छात्र आंदोलन ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। इस पूरे घटनाक्रम में अमीषा प्रसाद ने पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि आंदोलन कर रहे छात्रों और युवाओं की आवाज को दबाने के लिए उन पर झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।
अमीषा प्रसाद ने सीधे तौर पर शहबाज आलम को निशाने पर लेते हुए उन्हें 'टेबल टॉक' की खुली चुनौती दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप सही हैं, तो शहबाज आलम सार्वजनिक मंच पर आकर अपने दावों के पक्ष में सबूत पेश करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि आमने-सामने की बातचीत से ही पूरे मामले का सच सामने आ सकेगा।
गौरतलब है कि शहबाज आलम ने अमीषा प्रसाद के खिलाफ दंगा भड़काने और मारपीट जैसे गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई है। वहीं, अमीषा प्रसाद ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि छात्रों ने किसी भी नियम या प्रोटोकॉल का उल्लंघन नहीं किया है। वर्तमान में झारखंड में छात्र परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है।





