

"रांची में JPSC-JSSC आंदोलन के बीच छात्रों ने सरकार से बातचीत के लिए 10 सदस्यीय अंतिम प्रतिनिधिमंडल की घोषणा कर दी है, जिसमें केवल छात्रों को शामिल किया गया है।"
रांची में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों ने सरकार के साथ वार्ता के लिए एक नई और अंतिम डेलिगेशन सूची जारी कर दी है। शुक्रवार को घोषित इस सूची में 10 छात्र प्रतिनिधियों को जगह दी गई है, जो अब सरकार के समक्ष आंदोलन का पक्ष मजबूती से रखेंगे।
गौर करने वाली बात यह है कि इस सूची में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इससे एक दिन पहले गुरुवार को जारी 11 सदस्यीय टीम में दो पत्रकारों और झारखंड हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत कुमार को शामिल किया गया था, जिन्हें नई सूची से हटा दिया गया है। अब इस डेलिगेशन में केवल छात्र ही शामिल हैं।
सरकार के साथ वार्ता के लिए चयनित प्रतिनिधि:
सूची में रवीन्द्र पासवान, पीयूष कुमार, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, अंकित राज, कार्तिक सोरेन, शालू कुमारी, रवींद्र कुमार रवि, आनंद कुमार और अंकित कुमार शामिल हैं।
प्रमुख मांगें और भविष्य की राह:
छात्रों का यह प्रतिनिधिमंडल मुख्य रूप से JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, CBI जांच की मांग और भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार जैसे मुद्दों को सरकार के सामने रखेगा। अब पूरे राज्य की नजर इस बैठक पर है कि क्या सरकार और छात्रों के बीच वार्ता से कोई ठोस समाधान निकल पाएगा या आंदोलन जारी रहेगा।





