

"झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) सिविल सेवा परीक्षा में गड़बड़ी और सेटिंग कराने के आरोप में CID ने दो एजेंटों को गिरफ्तार किया है। मामले में कोचिंग संचालकों और अन्य लोगों से भी पूछताछ की तैयारी चल रही है।"
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में कथित गड़बड़ी और धांधली की जांच अब तेज हो गई है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए आपराधिक जांच विभाग (CID) ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है, जिन पर अभ्यर्थियों और परीक्षा से जुड़े लोगों के बीच एजेंट के रूप में काम करने का आरोप है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान डोमचांच निवासी राजेश प्रसाद यादव और पूर्णा नगर निवासी संदीप कुमार के रूप में हुई है। आरोप है कि ये दोनों अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम वसूल रहे थे और अनुचित लाभ दिलाने का प्रयास कर रहे थे।

रिपोर्ट के अनुसार, CID पिछले कुछ दिनों से दोनों आरोपियों को पूछताछ के लिए मुख्यालय बुला रही थी, लेकिन सहयोग न मिलने के कारण अंततः उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। जांच एजेंसी को उनके मोबाइल फोन, बैंक खातों और डिजिटल चैट से कई महत्वपूर्ण और संदिग्ध साक्ष्य हाथ लगे हैं।
जांच का दायरा बढ़ाते हुए अब JPSC के अधिवक्ताओं और कुछ कोचिंग संचालकों से भी पूछताछ की तैयारी की जा रही है। CID इस पूरे रैकेट के पीछे छिपे परीक्षा माफिया और अन्य संलिप्त लोगों के गिरेबां तक पहुंचने के लिए कड़ियां जोड़ने में जुटी है।





